यज्ञ का हिस्सा बनें – एकम् से जुड़ें

एकम् सिर्फ एक पार्टी नहीं है, यह स्वतंत्र भारत के राजनीतिक इतिहास का सबसे बड़ा यज्ञ है। एकम सनातन भारत दल में शामिल होने का निर्णय करके, आपने सबसे महत्वपूर्ण पहला कदम पहले ही उठा लिया है।

यज्ञ में अपनी आहुति दें

जैसा कि अंकुर जी कहते हैं, धर्म की लड़ाई अनर्थ से नहीं, अर्थ से लड़ी जायेगी। यज्ञ के लिए आहुति की आवश्यकता होती है। कृपया निम्नलिखित भुगतान विधियों में से किसी एक का उपयोग करके सनातन के लिए उदारतापूर्वक दान करें।

1

एकम् सनातन भारत दल संविधान में संशोधन कर भारत की राजसत्ता को संवैधानिक तौर पर बाध्य करेगा कि वह भारत का सनातन बाहुल्य चरित्र सदा सदा के लिए सुनिश्चित एवं संरक्षित करे।

हिंदू नरसंहार एवं जनसांख्यिकी परिवर्तन (भूमि जिहाद अथवा अन्य साधनों से) भारत की राजसत्ता के विरुद्ध किए गए अपराध माने जाएँगे जिनको ले कर मृत्युदंड का प्रावधान कानून द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा।

2

संविधान में संशोधन कर केवल 5% से कम जनसंख्या वाले समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा देना। साथ ही भारत को विश्व के सभी सनातनधर्मियों का नैसर्गिक राष्ट्र घोषित कर उनके लिए नागरिकता का मार्ग खोलना।

3

मंदिरों और मठों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करवाना। मंदिरों में भगवान के अधिकार को सर्वोच्च रखना। कश्मीर स्थित भगवान भास्कर के प्राचीन मार्तंड सूर्य मंदिर, मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और काशी के ज्ञानवापी तीर्थ क्षेत्र की पुनर्स्थापना करना।

4

समस्त हिमालयी राज्यों का सनातनी स्वरूप अक्षुण्ण रखना तथा J&K का पुनर्गठन कर उसे 2 केंद्र शासित प्रदेशों में बांटकर हिंदू बहुल जम्मू संभाग को स्वतंत्र राज्य बनाना।

5

गो-हत्या पर संपूर्ण प्रतिबंध लगाकर गाय, गंगा और रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करना। संविधान की प्रस्तावना में अवैध रूप से जोड़े गये सेक्यूलर और समाजवाद को हटाकर राम राज्य की स्थापना का लक्ष्य रखना ।

6

वक्फ एक्ट, Places of Worship Act एवं सच्चर कमेटी के क्रियान्वयन को तत्काल प्रभाव से निरस्त करना। संविधान के अनुच्छेद 30 को संशोधित कर हिंदुओं को भी अपने स्वायत्त शिक्षण संस्थान स्थापित एवं संचालित करने का मौलिक अधिकार देना। समीक्षा कर सनातन संस्कृति एवं सभ्यता को हानि पहुंचाने वाले अनुच्छेद, कानून एवं धाराओं को निरस्त करना। लव जिहाद और धर्मांतरण पर पूरी तरह से रोक लगाना।

7

केवल विकास नहीं, अध्यात्म, संस्कृति, सही इतिहास, सामाजिक मूल्य, क्षेत्रीय भाषा और पर्यावरण के साथ संपूर्ण विकास। भारतीय सेना के परंपरागत ढांचे को अक्षुण्ण रखना और सेना एवं पुलिस का सशक्तिकरण व आधुनिकीकरण करते हुए सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों को उचित सम्मान दिलाना।